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राष्ट्रपति से सम्मानित दिव्यांग पूनम ने दिव्यांगों को दिया प्रशिक्षण, बांटे प्रमाण पत्र

भारत की सौ सशक्त महिलाओं में शामिल हैं पूनम

शुभम बैरागी।।

कहते हैं कि दर्द का रिश्ता बहुत गहरा होता है। उस पर दर्द यदि जन्मजात हो तो दैनिक जीवन के सहज कार्य भी चुनौतियां हो जाते हैं। ऐसी ही चुनौतियों को हराते हुए दर्द का रिश्ता निभाया है पूनम श्रोती ने। राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त पूनम ने स्वयं दिव्यांग होते हुए दिव्यांगों बेहतर जीवन के लिए प्रशिक्षित करने का जो सपना पाला था वह रविवार को हक़ीक़त में तब्दील होता नज़र आया।

पूनम दिव्यांगजनों को प्रशिक्षित करने का कार्य कर रहीं हैं। पूनम ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत उम्मीद एक नई उड़ान शिक्षा एवं जनकल्याण समिति के अंतर्गत दिव्यांगजनों की स्किल्स के लिए एक केंद्र संचालित किया । यहाँ दिव्यांगजनों को रोजगार के लिए प्रशिक्षण के बाद सेंटर द्वारा आयोजित कौशल मेले के पहले बेच में भाग लेने वाले उत्तीर्ण प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र बांटे गए।
कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी व पूर्व विधायक हेमन्त कटारे ने उपस्थित दिव्यांगजनों के जज्बे की तारीफ के साथ उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने ने कहा कि पूनम समाज के लिए एक अलग ही पहचान है। वे ऐसे परिस्थितियों में भी अपने जैसे लोगों को पीछे ना रखकर उन्हें एक सम्मान का दर्जा दिला रहीं हैं। विधायक कुणाल चौधरी ने उपस्थित दिव्यांगजनों को आश्वसान दिया कि सरकार हर कदम हमेशा उनके साथ है।

सात वर्षों से दिव्यांगजनों की तरक्की के लिए कर रही हैं काम:

पूनम श्रोती ने बताया कि उनका सपना था कि दिव्यांगजनों के लिए ऐसा सेंटर हो जहाँ ऐसे लोग कुछ सीखकर अपने पैरों पर खड़े हो सकें। पूनम स्वयं भी दिव्यांग हैं व विगत सात वर्षों से अपनी संस्था के माध्यम से दिव्यांग जनों की तरक़्क़ी के लिए काम कर रही हैं। बता दें कि पूनम देश की 100 सशक्त महिला में शामिल होकर राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार भी प्राप्त कर चुकी हैं। पूनम को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने अपने हाथों से पुरस्कृत किया था।

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