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भविष्यवाणी नहीं समाधान देता है महावास्तु: आचार्य आशुतोष

योगदान कार्यक्रम में बिना निर्माण तोड़फोड़ के बताए समाधान

श्रेयश मिश्रा, भोपाल।।

दिशा को दूषित करने से दशा खराब होती है। घर में गलत जगह पर रखा सामान पंचतत्वों को प्रभावित पर प्रभाव डालता है। किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव को घर या कार्यस्थल पर बिना तोड़फोड़ के दूर किया जा सकता है। यह बातें रविवार को महावास्तु पर आयोजित कार्यक्रम आचार्य आशुतोष तिवारी ने कहीं। इस अवसर पर उन्होंने व आचार्य योगिता सिंह ने शामिल लोगों की समस्याओं के समाधान भी सुझाये।

कोई भविष्यवाणी नहीं सिर्फ समाधान

कार्यक्रम में व्यवसाय सम्बन्धी समस्या के सुलझने के वक़्त जानने के सवाल पर आचार्य आशुतोष ने जवाब देते हुए बताया कि महावास्तु में भविष्यवाणी नहीं की जाती है। समाधान के लिए 16 जोन के लिए 16 तकनीकों का उपयोग किया जाता है। पंचतत्वों को उनकी उचित दिशा में स्थान देने से ऊर्जा सकारात्मक प्रभाव देने लगती है। घर अथवा कार्यस्थल की प्रत्येक वस्तु की प्रकृति के अनुसार उनके तत्वों का निर्धारण होता है। आचार्य योगिता सिंह ने तमाम जानकारियां देते हुए बताया कि महावास्तु हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण है। कैरियर की अस्थिरता ,विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं ,धन का आगमन, रुके हुए धन की प्राप्ति और बच्चों की पढ़ाई , प्रयासों का आशा अनुरूप सफल ना हो पाना, लाभ और प्राप्ति में रुकावट, विभिन्न प्रकार के तनाव और अनजाने डर से मुक्ति के उपाय महावास्तु में मौजूद हैं।
महावास्तु में समस्याओं का समाधान का आधार वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इसमें तोड़फोड़ करने की बजाय आसान प्रायोगिक समाधान दिए जाते है।

बताए ये मिथक

  • सामान्यतः लोग घर के द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करते हैं जो कि पूर्णतया गलत है गानों में प्रथम गणाधिपति मंदिर में होने चाहिए ना के द्वारपाल की स्थिति में।
  • ईशान कोण वास्तव में देवों का वास है यहां पर पंचदेव या शिव परिवार की फोटो रखकर आप स्वयं को परम सत्ता से जुड़ सकते हैं कर्मकांड के लिए ईशान कोण के दाएं हाथ की तरफ कुछ जगह या बाएं हाथ की तरफ को जगह पर किया जाना चाहिए।
  • ब्रह्म स्थान अगर खुला रहे तो व्यक्ति एक निश्चित सीमा के बाद धन संपदा अर्जित नहीं कर सकता क्योंकि राजा कभी नहीं चाहते थे कि कोई भी व्यक्ति उनके लिए प्रतिद्वंद्वी बन जाए।
  • नॉर्थ वेस्ट में अगर विवाह योग्य लड़कियों को सुनाया जाए उन्हें गर्भधारण करने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट को खराब माना जाता है जबकि सीढ़ियों का प्रयोजन अलग है और टॉयलेट का प्रयोजन अलग होता है।

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